रांची : झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।कहा कि शराब घोटाले के बाद ACB आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे पर आज तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। ACB ने उनके पूरे परिवार की संपत्ति खंगाल ली, खबरों में देखा गया कि अवैध रूप से अर्जित नामी बेनामी संपत्ति के तथ्य भी सामने आए। शराब घोटाला में विनय चौबे के स्पष्ट भूमिका भी ख़बरों के माध्यम लोगों के सामने आई। कई आईएएस अधिकारियों ने उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही भी दी, इसके बावजूद ACB विनय चौबे के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई और डिफ़ॉल्ट बेल मिल गया। हालांकि एक बात तो स्पष्ट हो चुका है कि ACB का इस्तेमाल सिर्फ लोगों को जेल में रखने, भयादोहन करने, उगाही करने, राजनैतिक/ग़ैर राजनैतिक छोटे-बड़े विरोधियो को तंग-तबाह करने, मानसिक यातना देने, दबाव में रखने और शराब घोटाले के सबूतों को नष्ट करने में हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ACB के ऐसे ग़लत कार्यों का संज्ञान लिया है। जिस दिन विनय चौबे की गिरफ्तारी हुई थी, उसी दिन उन्होंने कहा था कि यह गिरफ्तारी सजा देने के लिए नहीं, बल्कि बड़ी मछलियों को सजा से बचाने के लिए हुई है। पिछले 10-11 महीनों से ACB कारवाई करने का दिखावा कर आंखों में धूल झोंकने का काम करते रही। मुख्यमंत्री को इतना स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि सत्ता का दुरुपयोग कर कुछ दिन तक जांच प्रभावित करने और सजा को टालने का प्रयास कर सकते हैं, ACB का दुरुपयोग विरोधियों को तंग-तबाह करने में कर सकते हैं, लेकिन याद रखिए अंततः सबका हिसाब होगा!कहा कि पावर और सत्ता के दम पर कानून का दुरपयोग करने वालो का अंजाम अंत में क्या होता है? याद न हो तो इतिहास उलट कर देख लें मुख्यमंत्री।













