रांची :सदर अस्पताल परिसर में जन आरोग्य समिति के सदस्यों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समिति के सदस्यों को उनके दायित्वों, कार्यप्रणाली तथा स्वास्थ्य सेवाओं में जनभागीदारी की भूमिका से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में राज्य स्तर से राज्य नोडल पदाधिकारी ( टी. बी एवं CPHC कोसांग) डॉ कमलेश कुमार, राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ एस बास्की, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक (साहिया ) प्रीती चौधरी, जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी ) राकेश राय, क्षेत्रीय समन्वयक श्वेता वर्मा, संपा रॉय (TRIF) समेत विभिन्न प्रखंड के मुखिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए l
कार्यक्रम की शुरुवात करते हुए जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रीति चौधरी ने बताया कि हरेक आयुष्मान आरोग्य मंदिर के कार्यों के गुणवत्ता को सुनिश्चित करने हेतु जन आरोग्य समिति का गठन किया गया है इसके अध्यक्ष मुखिया होते हैं JAS के सदस्य सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, सहिया,महिला ग्राम संगठन की महिलाएं एवं अन्य ग्रामीण प्रतिनिधि होते हैं l
राज्य कार्यक्रम समन्वयक, अकाय मिंज ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी साथ ही जन आरोग्य समिति की संरचना, उद्देश्य, कार्यक्षेत्र, स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी, वित्तीय प्रबंधन तथा समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर विस्तृत जानकारी दी।जन आरोग्य समिति स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथी यह भी बताया कि सहिया स्वास्थ्य विभाग और गांव के बीच एक पुल यानी सेतु का काम करती है जिसके माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी लोगों तक पहुंचती है l लोगों को स्वास्थ्य केन्द्रो तक पहुंचाने का कार्य भी सहिया के माध्यम से किया जाता है l
राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार कहा कि टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि समाज से टीबी के प्रति भय, भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करना भी है। इस दिशा में समुदाय की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण रही है। टीवी मुक्त भारत अभियान 1962 से पूरे देश में चलाया जा रहा है l पूरे देश में 28 से 29 लाख टीबी के मरीज है l वही तकरीबन 4 लाख लोगों की मृत्यु हर वर्ष टीबी के बीमारी से होती है लेकिन झारखंड में टीवी से मौत का आंकड़ा काफी घटा है l टीबी सिर्फ दवा और डायग्नोसिस से ठीक नहीं किया जा सकता है बल्कि जनभागीदारी, अच्छा रहन सहन, अच्छा पोषण एवं गुणवत्ता पूर्ण खानपान भी इसे खत्म करने के लिए जरूरी है l
टीबी किसान, मजदूर, बस्ती (Slum area)एवं कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले लोगों में ज्यादा देखा गया है पंचायत स्तर पर सभी का जांच करना जरुरी है l यदि यदि किसी व्यक्ति को लगातार 2 हफ्ते तक खांसी, बुखार, भूख नहीं लगना, रात में पसीना आना, वजन कम होना, थकान, सांस लेने में तकलीफ इत्यादि कोई कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत जांच करना चाहिए खी
बता दे की रांची जिले की 14 पंचायत को “टीबी मुक्त पंचायत” घोषित किया गया। यह उपलब्धि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, सहिया, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं समुदाय के सक्रिय सहयोग से संभव हो सका है l टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नि- क्षय मित्र बनकर सभी इलाजरत टीवी मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाती है l सभी इलाज़रत टीबी रोगियों को 1000 रूपए प्रति माह DBT के माध्यम से निश्चय पोषण सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है l
मुखिया अध्यक्ष सोमा उराव ने कहा की स्वास्थ्य सुविधाओं को धरातल पर उतारने हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी के साथ मुखिया का तालमेल होना बहुत जरूरी है l हम स्वस्थ रहेंगे तभी राज्य विकास करेगा और देश भी के विकास करेगा l
इस अवसर पर स्वच्छता, पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, रोग निवारण तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समापन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया l
IMA झारखंड राज्य शाखा की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न !
रांची :इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), झारखंड राज्य शाखा की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आज IMA हाउस, रांची में संपन्न...











