रांची//रेड सैंड बोआ नामक दुर्लभ प्रजाति के साँप का रेस्क्यू बीते रात नौ बजे रांची एयरपोर्ट के सामने से हुआ,
स्थानीय लोगों द्वारा देखे जाने पर मुझे बुलाया गया ।सांप को सुरक्षित कर जू भेज दिया गया।
बताते चलें कि रेड सैंड बोआ नामक यह साँप मूल रूप से राजस्थान के रेगिस्तान और उत्तर प्रदेश – राजस्थान बॉर्डर क्षेत्र में मिलता है और छोटे जीवों जैसे – छिपकली, चूहे आदि खाकर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायता करते हैं । यह देश के अन्य जगहों पर भी कभी कभार देखा जाता है।
इसके दुर्लभ होने के कारण तस्करी भी होता है ।यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है और इसे पकड़ना,इसका शिकार या तस्करी गंभीर अपराध माना जाता है।













