रांची : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज उलिहातू, खूंटी में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि जन-आस्था, जन-मानस और जन-भावनाओं के “भगवान” हैं।
राज्यपाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के दिन ही झारखंड राज्य की स्थापना हुई थी। हमारा राज्य आज अपने 25 वर्षों के सफर को पूर्णा करते हुए रजत जयंती वर्ष मना रहा है। उन्होंने इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए ईश्वर से झारखंड की निरंतर उन्नति, समृद्धि और शांति की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी संस्कृति, अपनी धरती और अपने लोगों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वे बहुत कम समय तक इस धरती पर रहे। वे एक महान समाज-सुधारक और राष्ट्रनायक थे। उन्होंने अंग्रेजों के अत्याचार और जनजातीय समाज पर हो रहे अन्याय के विरुद्ध जन-आंदोलन किया।
राज्यपाल ने कहा कि उनकी गहरी इच्छा है कि भगवान बिरसा मुंडा के पैतृक ग्राम का सर्वांगीण विकास किया जाए। इसे आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने तथा यहाँ “Statue of Unity” जैसी एक प्रेरणादायी पहल स्थापित करने का सुझाव दिया, जिससे देश-विदेश से लोग यहाँ आयें तथा धरती आबा के तप, त्याग और संघर्ष की विरासत से प्रेरणा ले सकें। मातृभूमि, मातृभाषा और संस्कृति के प्रति प्रेम जीवन का सौंदर्य और देश का गौरव है।
राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय समुदाय का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह समुदाय भारतीय संस्कृति का प्राचीन और अभिन्न अंग रहा है। प्रकृति से इसका गहरा संबंध, लोक-परंपराओं की विविधता और जीवन मूल्यों की विशिष्टता इसे वैश्विक पहचान दिलाती है। उन्होंने शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि जनजातीय समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक होने हेतु कहा। उन्होंने कहा कि ज्ञान ही शक्ति है और राष्ट्र की प्रगति का सबसे बड़ा आधार भी।
राज्यपाल ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाए जाने से जनजातीय परंपराओं, शौर्य गाथाओं और सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के साथ-साथ बाबा तिलका माँझी, सिद्धो-कान्हू, फूलो-झानो, वीर बुधु भगत, जतरा टाना भगत, तेलंगा खड़िया सहित झारखंड के सभी अमर वीरों के अतुलनीय योगदान को नमन किया और कहा कि राष्ट्र सदैव इन महान नायकों का ऋणी रहेगा।
राज्यपाल उलिहातू में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों से भी मिले और उन्हें सम्मानित किया।
केन्द्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने राज्यपाल संतोष गंगवार से शिष्टाचार मुलाकात की !
रांची : पूर्व मंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने आज मकर संक्राति के अवसर...












