जमशेदपुर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय तृतीय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।इस विशेष अवसर पर भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ मंच पर कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति एवं वर्तमान में उड़ीसा सरकार की शिक्षण सलाहकार प्रोफेसर डॉ. शुक्ला मोहंती, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना पर आधारित नृत्य से हुई, जिसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।मुख्य अतिथि केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आज के युग में युवाओं को केवल नौकरी की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि नौकरी सृजन करने वाला बनना होगा। उन्होंने “आई कैन, आई विल” जैसे मंत्र को जीवन में अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि यह सिर्फ शब्द नहीं बल्कि एक भावनात्मक संकल्प है, जो आत्मविश्वास, समर्पण और प्रतिबद्धता को जन्म देता है।उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में भागीदार बनें और नवाचार, उद्यमिता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाये।केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज प्रभाग उद्घाटन किया। शुरुआत में इसमें 200 मेडिकल छात्रों के एडमिशन की तैयारी है। साथ ही आज वस्त्र मंत्री ने जमशेदपुर शहर से प्रकाशित हिंदी दैनिक चमकता आईना के 28वें वार्षिक स्थापना समारोह में भी शामिल हुए, और राष्ट्रधर्म तथा राष्ट्र निर्माण पर चर्चा करते हुए इस आयोजन में अपनी बात रखी।विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. शुक्ला मोहंती ने भी विद्यार्थियों को उच्च आदर्शों, अनुशासन और सामाजिक नैतिकता का पालन करते हुए भविष्य के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी। वहीं कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने विश्वविद्यालय की वार्षिक शैक्षणिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में कार्यरत है।कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने अपने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रेरणा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संस्थान में 8000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और यह संस्थान अपने स्थायित्व और गुणवत्ता के लिए क्षेत्र में जाना जा रहा है। दीक्षांत समारोह के दौरान वर्ष 2023 और 2024 में उत्तीर्ण स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के कुल 1500 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियाँ (डिग्री सर्टिफिकेट) प्रदान किए गए। समारोह में, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।
“फार्मा सही दाम ऐप” पर राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम संपन्न !
राजधानी के आईपीएच सभागार में सोमवार को "द ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 एवं फार्मा सही दाम ऐप" विषय पर...











