रांची :डॉ. सीमा गुप्ता ने कहा कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि परिवार एवं समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने तंबाकू से होने वाली बीमारियों, विशेषकर कैंसर, हृदय रोग एवं श्वसन संबंधी रोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा तंबाकू नियंत्रण कानून (COTPA Act) के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने एवं तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को जमीनी स्तर पर सशक्त रूप से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि निरंतर जागरूकता एवं प्रभावी निगरानी से ही तंबाकू मुक्त समाज का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों एवं अन्य हितधारकों को तंबाकू नियंत्रण से संबंधित दिशा-निर्देशों, जन-जागरूकता गतिविधियों एवं कानून प्रवर्तन, (Low Enforcement ) की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही तंबाकू मुक्त सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में जिला परामर्शी सुशांत कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों से तंबाकू नियंत्रण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की एवं इसकी रोकथाम हेतु जोर लगाने की बातें कही ल
बता दे की झारखंड कोटपा (COTPA) संशोधन अधिनियम 2021 (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) राज्य में तंबाकू नियंत्रण को सख्त बनाता है। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर जुर्माना ₹200 से बढ़ाकर ₹1000 कर दिया गया है। यह कानून हुक्का बारों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करता है और शैक्षणिक संस्थानों के पास तंबाकू बिक्री पर सख्त रोक लगाता है, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है।
झारखंड कोटपा संशोधन अधिनियम 2021 के मुख्य बिंदु:
जुर्माने में वृद्धि: सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों का सेवन करने पर अब ₹1000 का जुर्माना लगेगा।
हुक्का बार पर प्रतिबंध: राज्य में हुक्का बारों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
100 मीटर का दायरा: शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों, न्यायालय परिसरों और सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
जागरूकता : सार्वजनिक स्थानों पर “गैर-धूम्रपान क्षेत्र” का साइनेज (बोर्ड) लगाना अनिवार्य है।
कानूनी मान्यता: झारखंड विधानसभा द्वारा पारित इस संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी मंजूरी दी, जिसके बाद यह कानून के रूप में अधिसूचित हुआ ल
कार्यक्रम में डॉ सीमा गुप्ता, डॉ ए. आर. मुस्तफी, सुशांत कुमार समेत विभिन्न प्रखंड के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक प्रखंड लेखा प्रबंधक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए l














