रांची :आज “दिशा” जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति, रांची की बैठक में शामिल होकर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
उन्होंने कहा कि “दिशा” की बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर चर्चा की जाती है।
बैठक के दौरान मंत्री ने संभावित उर्वरक (फर्टिलाइज़र) की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों और विशेष रूप से मध्य-पूर्व के मौजूदा हालात को देखते हुए इस वर्ष यूरिया आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र से माँगी गई मात्रा की तुलना में कम उपलब्धता चिंता का विषय है। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को अभी से ठोस रणनीति बनाकर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण के संदर्भ में सुझाव देते हुए कहा कि बीएलबीसी की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए तथा किसानों को केसीसी लोन समय पर डिसबर्स किया जाए, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो और किसानों को समय पर वित्तीय सहयोग मिल सके।
मांडर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा संचालित पथ निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर मंत्री ने संबंधित अभियंता के प्रति नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन नहीं होने से सरकार की छवि प्रभावित होती है, इसलिए सभी विभाग तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करें।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार लगातार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।













