रांची :झारखंड राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज महावीर जयंती महोत्सव एवं मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के दीक्षा दिवस के पावन उपलक्ष्य पर श्री दिगम्बर जैन समाज, राँची द्वारा बिरसा मुंडा फन पार्क, राँची में आयोजित ‘श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशान्ति महायज्ञ’ कार्यक्रम में सभी श्रद्धालुओं को महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
राज्यपाल ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन एवं उनके उपदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह एवं करुणा के उनके सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं तथा एक शांतिपूर्ण एवं समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का मूल मंत्र सहअस्तित्व, सहिष्णुता एवं पारस्परिक सम्मान की भावना को सुदृढ़ करता है। वर्तमान वैश्विक परिवेश में, जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में भगवान महावीर के आदर्श मानवता को सही दिशा प्रदान करते हैं।
राज्यपाल ने ‘श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशान्ति महायज्ञ’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक परंपरा एवं विश्व शांति का एक पवित्र संगम है। उन्होंने मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज के तप, त्याग एवं साधना का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन आत्मसंयम, अनुशासन एवं आध्यात्मिक साधना का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मुनि अपने प्रवचनों एवं साहित्य के माध्यम से जैन दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों को सरल एवं प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं तथा लोगों को आत्मचिंतन एवं आत्मसंयम की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे भगवान महावीर के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें तथा समाज में शांति, सद्भाव एवं मानवता की भावना को सुदृढ़ करें।













