रांची :राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज मोरहाबादी में आयोजित ‘टुसू महोत्सव’ के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि टुसू पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि लोक-परंपराओं, सामूहिक श्रम-संस्कृति और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति और मानव जीवन के बीच स्थापित आत्मीय संबंध को लोक-आस्था के माध्यम से अभिव्यक्त करता है तथा कृषि समाज के उल्लास और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करता है।
राज्यपाल ने कहा कि टुसू पर्व झारखण्ड की लोक-चेतना का प्रतिनिधित्व करता है और यह संदेश देता है कि हमारी परंपराएँ केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने वाली जीवन-दृष्टि भी हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं तथा सामाजिक समरसता और सौहार्द की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की वास्तविक शक्ति उसकी सांस्कृतिक विविधता और लोक-परंपराओं में निहित है।
राज्यपाल ने कहा कि झारखण्ड के राज्यपाल के पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों के सुदूरवर्ती ग्रामों का भ्रमण कर वहाँ के नागरिकों से संवाद किया तथा उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने यह अनुभव हुआ कि राज्य के लोग परिश्रमी, सरल और अपनी संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हर्ष है की बात है कि राज्य की महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक-सामाजिक रूप सशक्त हो रही हैं और अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर सजग हैं।
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