रांची :झारखंड में रेलवे अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। लगातार बजटीय आवंटन में अभूतपूर्व वृद्धि, नेटवर्क विस्तार, स्टेशन पुनर्विकास, पूर्ण विद्युतीकरण तथा आधुनिक रेल सेवाओं के माध्यम से राज्य में रेलवे कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया गया है। इससे यात्रियों की सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास को भी गति मिली है।
आज नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्वी भारत के विभिन्न रेल मंडलों के दफ्तर में आमंत्रित पत्रकारों को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के कल्पना के अनुरूप यह सारे कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के रेल बजट में लिए अभूतपूर्व इजाफा किया गया है।
बजट आवंटन में 16 गुना विधि
वर्ष 2009-14 के दौरान झारखंड के लिए रेलवे का वार्षिक औसत बजट आवंटन 457 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 7,536 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि लगभग 16 गुना है।
अवसंरचना में परिवर्तन
राज्य में वर्तमान में 63,470 करोड़ रुपये के रेलवे कार्य प्रगति पर हैं। इस निवेश में नए ट्रैक निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास तथा सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं, जो पूरे राज्य में किए जा रहे हैं।
अमृत स्टेशन योजना : झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पूर्ण पुनर्विकास
अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों को पूर्ण पुनर्विकास के लिए चिह्नित किया गया है।,स्टेशन आधुनिकीकरण के लिए 2,153 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। अब तक 8 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिनमें गोविंदपुर रोड (फेज-I), राजमहल, संकरपुर, साहेबगंज, मधुपुर, गोड्डा, लोहरदगा और पिस्का शामिल हैं।
बेहतर रेल कनेक्टिविटी
राज्य में प्रीमियम रेल सेवाओं के विस्तार से यात्रा सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में
• वंदे भारत एक्सप्रेस की 12 जोड़ी सेवाएं, तथा
• अमृत भारत एक्सप्रेस की 4 जोड़ी सेवाएं संचालित हैं।
यूएई के संपूर्ण रेल नेटवर्क से अधिक है झारखंड का रेल नेटवर्क
वर्ष 2014 से अब तक झारखंड में लगभग 1,400 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक का निर्माण किया गया है, जो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संपूर्ण रेल नेटवर्क से अधिक है। राज्य में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2014 के बाद से 946 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है।इसके अतिरिक्त, राज्य में 486 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है।
कवच (आंकड़े रूट किमी में)
कवच परियोजना के अंतर्गत झारखंड में 917 कार्य/टेंडर प्रगति पर हैं, जबकि 1,907 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। रेलवे अवसंरचना का यह विस्तार और आधुनिकीकरण राज्य में सुरक्षित, आधुनिक और कुशल रेल परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
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