हजारीबाग जिले के कुसुंबा गांव में मासूम बेटी के साथ हुई जघन्य एवं हृदय विदारक घटना के विरोध में आज भाजपा महिला मोर्चा, रांची महानगर एवं रांची पूर्वी–पश्चिमी जिला के संयुक्त तत्वावधान में उपायुक्त कार्यालय, रांची के समक्ष आयोजित सांकेतिक धरना–प्रदर्शन ऐतिहासिक, अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा।
धरना–प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों की भागीदारी रही। उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में घटना के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की चरमराई कानून व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पूरी तरह से संकट में है और अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। यह घटना सरकार की विफलता और प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण है।
धरना के उपरांत मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त, रांची के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, कड़ी से कड़ी सजा (मृत्युदंड), पीड़िता को उचित मुआवजा एवं सुरक्षा, तथा महिलाओं की सुरक्षा हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
महिला मोर्चा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।
धरना को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेत्री आरती कुजूर ने कहा कि यह घटना पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पूरी तरह से खतरे में है और सरकार इस पर मौन साधे हुए है। दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
भाजपा,रांची महानगर के उपाध्यक्ष अनीता वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार की विफलता का परिणाम हैं। यदि प्रशासन समय रहते सख्ती बरतता, तो शायद ऐसी जघन्य घटना नहीं होती। भाजपा महिला मोर्चा हर हाल में पीड़िता को न्याय दिलाकर ही दम लेगा।
महिला मोर्चा, ग्रामीण जिला अध्यक्ष नेहा सिंह ने कहा कि आज राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून से नहीं डरते। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और सरकार को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।
भाजपा,महिला मोर्चा,रांची महानगर अध्यक्ष पायल सोनी ने कहा कि महिला मोर्चा इस अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष करेगा। जब तक दोषियों को कठोरतम सजा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन अनीता वर्मा ने किया।
धरना के उपरांत मुख्यमंत्री महोदय के नाम उपायुक्त, रांची के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, कड़ी से कड़ी सजा (मृत्युदंड), पीड़िता को उचित मुआवजा एवं सुरक्षा, तथा महिलाओं की सुरक्षा हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
पार्टी की वरिष्ठ नेत्री काजल प्रधान ,सीमा सिंह, रेणु तिर्की सुचिता सिंह, मुन्नी मुंडा, माधुरी देवी ,रेखा महतो, कुंती देवी, मीरा देवी,कुसुम देवी, बबीता वर्मा, सरिता पांडे, बिना मिश्रा,अर्चना सिंह, माया सिंह, सिसोदिया रणजीता, सिंह पायल सोनी नेहा सिंह , दिव्या साहू,कुमुद पांडेय, ज्योति सिन्हा, नेहा शर्मा, रेनू सिंह, किरण देवी, बबीता देवी, मंजू चौरसिया, लवली पाठक, आशा शर्मा,गीता गुप्ता, कुसुम देवी, ममता देवी, ललिता ओझा, आशा देवी,सुनीला देवी, समरीता देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहीं।













