रांची :झारखंड में एक फिर से बीज वितरण की शुरुआत हो गई है . कृषि निदेशालय प्रांगण में बीज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य की कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किसानों के बीच बीज वितरण का शुभारंभ किया . चालू वित्तीय वर्ष 2025 _ 26 में विभाग ने खरीफ फसल के बीज वितरण का लक्ष्य 80 हजार क्विंटल रखा है . ये आंकड़ा पिछले दो वित्तीय वर्ष से दोगुना है . इस मौके पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार राज्य के किसानों से किए गए वायदे के प्रति सजग है . यही वजह है कि बीज दिवस के दिन से ही राज्य भर में बीज वितरण की शुरुआत कर दी गई है . कमजोर राज्यों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए ज्यादा काम करना जरूरी है . झारखंड भी इसी रास्ते पर निरन्तर आगे बढ़ रही है . अगर किसान विभाग की योजनाओं को लेकर जागरूक होंगे , तो राज्य से बिचौलिया खत्म हो जाएंगे . ऐसा किसानों की जागरूकता और उनकी सूझ _ बुझ से ही संभव है . उन्होंने कहा कि विभाग किसानों को 50 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक अनुदान पर बीज उपलब्ध करा रही है . लेकिन इसका लाभ लेने के लिए समय पर सही जानकारी और प्रक्रिया को अपनाना होगा . कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता विभाग जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक किसानों से योजनाओं का फीडबैक ले रही है , ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके . राज्य में छोटे बदलाव से विकसित झारखंड का निर्माण संभव है . फसल के पटवन के लिए विभाग ने नदी पर बिरसा पक्का चेक डैम योजना की शुरुआत करने का निर्णय लिया है . इसी तरह पलामू में बकरी के बजाय भेड़ का वितरण . किसी जिले में बकरी के बजाय शूकर का वितरण का उद्देश्य आवश्यकता के अनुसार किसान के अनुरूप योजना तैयार करना है . मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विभाग किसानों के अनुरूप योजना को रूप देना चाहती है . किसान जागरूक बने और गांव के एक एक लोगों तक विभाग की योजनाओं की जानकारी साझा करें , ये जरूरी है . ऐसा करके झारखंड के किसान भी केरल और महाराष्ट्र की तरह खुद को कृषि के क्षेत्र में सफल साबित कर सकते है. उन्होंने कहा कि आज किसानों को आधुनिकता के दौर में विज्ञान और ज्ञान को अपनाना होगा . कृषि के क्षेत्र में उन्नत तकनीक से फसल की पैदावार में बढ़ोत्तरी तय है . इस मौके पर विभागीय सचिव अबू बक्कर सिद्दीखी ने किसानों को सचेत करते हुए कहा कि भूल से भी बीज खरीद के लिए अपना OTP किसी दूसरे से साझा ना करें . एक भूल से आप खुद का नुकसान कर सकते है . बीज वितरण के लिए प्रखंड स्तर पर मॉनिटरिंग टीम का गठन किया गया है . इतना ही नहीं ब्लॉक चेन सिस्टम को भी विभाग ने विकसित किया है . इसका उद्देश्य किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर बीज उपलब्ध कराना है . कृषि निदेशक ताराचंद ने कहा कि झारखंड की 80 प्रतिशत आबादी खेती और किसानी से जुड़ी हुई है . राज्य में खरीफ की फसल को ही मुख्य फसल के तौर पर जाना जाता है . इस साल बीज वितरण के लिए 5 सरकारी कंपनियों को बीज मुहैया कराने का काम दिया गया है ताकि बीज का वितरण पूरे राज्य में एक साथ शुरू हो सके . बीज दिवस के मौके पर रातु , बुढ़मू , कांके , मांडर , चान्हो और ओरमांझी प्रखंड के दो किसानों को बीज उपलब्ध कराया गया . मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि निदेशालय में जीर्णोद्धार के बाद तैयार कॉन्फ्रेंस हॉल का फीता काटकर उदघाटन भी किया .
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