रांची :झारखंड राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति 94 वीं त्रैमासिक बैठक वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर मुख्य अतिथि की उपस्थिति में प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक में विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की भी उपस्थित हुई। बैठक में वित्त विभाग के अधिकारी समेत भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, राज्य के सभी अग्रणी बैंक एवं राज्य के 24 जिलों के अग्रणी जिला प्रबंधक भी शामिल हुए।गुरुजी क्रेडिट कार्ड में लम्बित आवेदनों को एक पखवाड़े के अंदर निष्पादित करने का निर्देश वित्त मंत्री ने दिया। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड के लिए कुल 5,872 आवेदन विभिन्न बैंकों में दिए गए थे। जिसके विरुद्ध 868 आवेदन अभी भी लंबित पड़े हुए हैं। वित्त मंत्री किशोर ने कहा कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड श्री हेमंत सोरेन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। अतः इसका निष्पादन तीव्र गति से किया जाए।वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखण्ड राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य में ऋण जमा अनुपात में निरंतर सुधार वित्तीय प्रणाली पर जनता का भरोसा परिलक्षित करता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह प्रगति समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तिमाही ऋण जमा अनुपात (CD Ratio) 52.28% से बढ़कर 53.63% हुआ है जो धीमा है परन्तु सकारात्मक संकेत है। राज्य सरकार की प्राथमिकता समावेशी वित्तीय विकास (Inclusive Financial Growth) को सुदृढ़ करना है जिसके अंतर्गत बैंक ग्रामीण वंचित तबकों, लघु उद्यमियों, कृषकों एवं स्वरोजगार से जुड़े युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। CD Ratio में धीमी सुधार दर्ज की गई परन्तु हमारे 24 जिलों में से 6 जिलों का औसत 40% से कम है, जो एक चिंता का विषय है। इस क्षेत्र में संबंधित LDMs को कार्य योजना के तहत कार्य करने का निर्देश दिया। देवघर, पूर्वी सिंहभूम एवं रांची में तीसरी तिमाही (सितंबर 2025) की होने वाली DCC/DLRC की बैठक ससमय आहूत नहीं होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की। इसी क्रम में सितंबर 2025 एवं दिसंबर 2025 में Housing Finance subcommittee की बैठक आहूत नहीं किये जाने पर भी अप्रसन्नता व्यक्त की एवं आगे इसे ससमय आयोजित किये जाने हेतु निर्देशित किया।ACP उपलब्धि YoY में 28.45% दर्ज की गई। यह एक सुखद उपलब्धि रही परन्तु सामाजिक, शिक्षा तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्र (OPS) में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है, जो एक चिंता का विषय है।विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कृषि प्रक्षेत्र में विभिन्न बैंकों की भूमिका पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में कृषि प्रक्षेत्रों में 35,822 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसके विरुद्ध मात्र 11,856 करोड़ रुपये ऋण अग्रिम निर्गत किए गए जो निर्धारित लक्ष्य का मात्र 33.18% है। श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड कृषि प्रधान राज्य है, बैंकों द्वारा कृषि प्रक्षेत्र में सार्थक भूमिका के निर्वहन से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सभी बैंकों में 31 दिसंबर 2025 तक कुल जमा राशि- 3,87,390 करोड़
ऋण अग्रिम – 1,89,972 करोड़
ऋण जमा अनुपात – 53.63%
राष्ट्रीय ऋण जमा अनुपात – 78%
सुझावः
1. राज्य के बैंकर्स झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और प्रमुख महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराने हेतु आकर्षित करने के लिए कैम्प लगाएं। इसी तरह का कैम्प राज्य के प्रमुख महिला महाविद्यालयों में भी आयोजित की जाए।
2. वित्त मंत्री किशोर ने इस बात पर जोर दिया कि शीघ्र ही वित्त, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास विभाग के सचिवों का राज्य के बैंकर्स के साथ समन्वय समिति बनाये जाने की आवश्यकता है।
3. राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मछली उत्पादन, तालाब-चेकडैम निर्माण आदि प्रक्षेत्रों में विकास के लिए बैंकों के द्वारा सार्थक कार्य योजना तैयार किया जाय।













