रांची :झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोरहाबादी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में युवाओं से स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि संकल्प लेने का भी अवसर है। राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने वेदांत, योग और कर्मयोग के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक चेतना को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उन्होंने शिक्षा को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ऐसी शिक्षा के पक्षधर थे, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और चरित्रवान बनाए। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में किया जा रहा कार्य “नर सेवा ही नारायण सेवा है” की भावना का सजीव उदाहरण है। ऐसे आयोजन समाज को दिशा देते हैं और युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। लोक भवन को उन्होंने केवल एक संवैधानिक संस्था तक सीमित न रखकर, जनता की आशाओं और विश्वासों का केंद्र बनाने का प्रयास किया है। राज्यहित में लोक भवन के द्वार राज्य के सभी नागरिकों के लिए सदैव खुले हैं। इस अवसर पर यह उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आज लोक भवन, राँची में ‘रक्तदान महायज्ञ’ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान है और किसी अनजान व्यक्ति के लिए दिया गया रक्त किसी परिवार की खुशियों को बचा सकता है। युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद जी के संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” को आत्मसात करते हुए सेवा-भाव, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ें तथा उनके विचारों को अपने आचरण में उतारकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने रामकृष्ण मिशन द्वारा आयोजित 55 वीं ‘Rebuild Competition – नया भारत गढ़ो’ की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से हजारों युवाओं की सहभागिता झारखंड के युवाओं की चेतना और राष्ट्र-भावना का प्रमाण है।












