केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत चट्टी बारियातू कोयला खनन परियोजना के विस्थापित रैयत जिनको विगत दिनों झूठे मुकदमे फंसा कर पुलिस प्रशासन द्वारा जेल भेज दिया गया था उनको 8 दिन में ही बेल मिल गई व दिन शनिवार को वे लोग बाहर आ गए।
बेल मिलने के तुरंत बाद सभी लोगों ने जेल से निकलकर सीधे पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के आवास पहुंचकर इस न्याय की लड़ाई में भरपूर सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त किया, जेल से निकलकर बाहर आए विस्थापित रैयतों ने बताया कि इस पूरी लड़ाई में पूर्व विधायक अंबा प्रसाद एवं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव हर कदम पर साथ खड़े रहे हैं उसी का नतीजा है कि हम लोग होली से पहले जेल से बाहर निकल गए हैं।
बयान बाजी से नहीं कुछ काम करने से लोकप्रियता बढ़ती है विधायक जी-अंबा प्रसाद
मौके पर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने वर्तमान बीजेपी विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि विगत दिनों पूर्व उन्होंने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि पुलिस प्रशासन ने योगेंद्र साव एवं निर्मला देवी को छोड़कर बाकी सब को जेल भेज दिया जबकि वास्तविकता इससे कोशों दूर है। इस पूरी लड़ाई में हमने न्यायिक तरीके से लड़ाई लड़कर उनका बेल दिलवाया। गिरफ्तारी के दिन ही पुलिस प्रशासन ने साजिश के तहत बाकी ग्रामीणों को दूसरे जगह छिपा कर रखा और गुपचुप तरीके से जेल भेज दिया वरना उन लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने दिया जाता। पूर्व विधायक ने कहा कि वर्तमान भाजपा विधायक को सस्ती लोकप्रिय हासील करने के लिए बयान बाजी करने से बचना चाहिए व रैयतों की हक अधिकार की लड़ाई में संघर्ष करना चाहिए।
न्यायालय से बेल मिलना यह सिद्ध करता है कि पुलिस प्रशासन ने झूठे मुकदमे में फंसाया था
अंबा प्रसाद ने कहा कि जिन ग्रामीणों को जेल भेजा गया था उन्हें 8 दिन के भीतर ही न्यायालय से बेल मिल गया जो स्पष्ट संदेश देता है कि ग्रामीण विस्थापित अपने हक अधिकार के लिए लड़ाई कर रहे थे और उन्हें प्रशासन ने बलपूर्वक गिरफ्तार करके जेल भेजा था, अंततः उनको बेल मिल गया। पूर्व विधायक ने कहा कि इस लड़ाई में न्यायिक तरीके से मैं और मेरा पूरा परिवार समर्पित है, किसी भी विस्थापितों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि विस्थापित ग्रामीणों को न्यायपालिका पर आज भी भरोसा है एक और जहां पुलिस प्रशासन कॉर्पोरेट के हाथों बिक जाते हैं तो यह दबाव में आ जाते हैं लेकिन न्यायपालिका निडर होकर अपना काम करती है आज यह लड़ाई कानूनी लड़ाई के तौर पर लड़ी जा रही है और मुझे पूरा विश्वास है कि न्यायपालिका ही विस्थापित ग्रामीणों को उनके हक अधिकार को दिलाएगी। अंबा प्रसाद ने कहा कि संविधान सर्वोपरि है लेकिन बड़कागांव विधानसभा के मामले में पुलिस प्रशासन खुद को भगवान मान रही है अब संविधान ही हमें अपना हक अधिकार दिलाएगी, इस बात का पूरा भरोसा है।
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