धनबाद जिला में कोयला माफिया द्वारा किया जा रहा अवैध खनन पराकाष्ठा पर पहुँच गया है. ये लोग अब दामोदर नद के पेट से मोहाना बनाकर कोयले का अवैध खनन करने लगे हैं. आश्चर्य है कि इसकी पूरी जानकारी धनबाद ज़िला प्रशासन और जिला पुलिस को है. वस्तुतः यह अवैध काम ज़िला प्रशासन और जिला पुलिस के संरक्षण में हो रहा है. इस अवैध गतिविधि के कारण दामोदर नद पर भी ख़तरा पैदा हो गया है. इससे दामोदर का अतिक्रमण और प्रदूषण हो रहा हैं. इस मामले को मैंने विधान सभा सत्र में उठाने का निर्णय किया है.जान पर खेलकर काफी दूर से फोटो खींचकर वहां के एक पर्यावरण कार्यकर्ता ने मुझे इन अवैध खनन गतिविधियों की तस्वीरें भेजी है.धनबाद और बोकारो जिला की सीमा पर स्थित बारनी घाट के सामने अवैध खननकर्ताओं ने ने दामोदर नद के किनारा से मोहाना बना लिया है. एक से अधिक मोहानी इन्होंने बनाया है. पोकलेन लगाकर ये अवैध खनन कर रहे हैं, उत्खनित कोयला बोरियों में भरकर जमा करते हैं, फिर ट्रक से ढोते हैं.जागरूक पर्यावरण कार्यकर्ता ने धनबाद के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी है. कतिपय पत्रकारों ने भी उपायुक्त, धनबाद को इससे अवगत कराया है, परन्तु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.यह एक गंभीर मामला है. न केवल अवैध कोयला खनन बल्कि दामोदर पर भी प्रदूषण और अतिक्रमण का ख़तरा पैदा हो रहा है. सरकार से मेरी मांग है कि दोषी पदाधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करे.
बजट सत्र को लेकर रणनीति पर मंथन !
रांची :झारखंड कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बजट सत्र को लेकर रणनीति पर मंथन आज रांची में झारखंड कांग्रेस...












