रांची:— भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री, सतीश चंद्र दुबे ने आज सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिसमें दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान माननीय मंत्री दुबे ने गत वित्तीय वर्ष के प्रदर्शन की गहन समीक्षाकी। उन्होंने कंपनी की उपलब्धियों, उत्पादन के आँकड़ों, सुरक्षा मानकों, और गतिविधियों का विश्लेषण किया। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना और भविष्य की रणनीतिक पहलों का भी निरीक्षण किया।
मंत्री ने CCL के समर्पण और उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें ऊर्जा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि CCL और CMPDI जैसे सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में CCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) श्री निलेंदु कुमार सिंह और CMPDI के CMD मनोज कुमार के साथ-साथ CCL के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा निदेशक (मानव संसाधन) हर्षनाथ मिश्र निदेशक (तकनीकी – संचालन) चंद्र शेखर तिवारी तथा निदेशक (परियोजना एवं योजना) शंकर नागाचारी एव CMPDI के निदेशक तकनीकी (पीएंडडी/ आरडीएंडटी) अजय कुमार भी उपस्थित थे। CMPDI और CCL के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान माननीय मंत्री दुबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूर्ण करें तकनीकी नवाचारों को अपनाएं और स्थायी एवं पर्यावरणीय दृष्टिकोण को प्राथमिकत दें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ-साथ राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा एव प्रगति को सुनिश्चित करना है।
अंत में, मंत्री महोदय ने CCL और CMPDI की पूरी टीम को उनकी मेहनत, प्रतिबद्धता और देश के ऊर्जा क्षेत्र में योगदान के लिए प्रशंसा की एव भविष्य में और बेहतर परिणामों की अपेक्षा जताई।












