राँची : जिले के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित खादगढ़ा शिव दुर्गा मंदिर के पास 48 डिसमिल भुईंहरी प्रकृति की जमीन पर बने 12 मकानों को तोड़ने का आदेश जारी किया गया।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। दंडाधिकारी, भारी पुलिस बल, हेहल सीओ और सीआई भी मौजूद थे। कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इसके विरोध में आज बुधवार को पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर सड़क पूरी तरह वाधित कर दिया है। रातू रोड स्थित कब्रिस्तान के समीप बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई।
जब प्रशासन की दखल-दिहानी की कार्रवाई का विरोध करने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय निवासियों ने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे घंटों तक आवागमन बाधित रहा और यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
प्रशासन की ओर से जब घर खाली करने की घोषणा की गई तो स्थानीय निवासी आक्रोशित हो उठे। महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। विरोध के बावजूद प्रशासन ने एक मकान के अगले हिस्से को बुलडोजर से तोड़ दिया।
शाम करीब 4:30 बजे प्रशासन ने लाउडस्पीकर से घोषणा की कि 48 डिसमिल जमीन पर बने सभी घरों को रातभर में खाली कर दिया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अगले दिन आज आज शेष संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इससे क्षेत्र में दहशत और असमंजस की स्थिति बनी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 48 डिसमिल में से 38.25 डिसमिल जमीन पर वे वर्षों से रह रहे हैं। सीताराम चौधरी, गायत्री देवी, नारायण साव, फूलो देवी, महेश प्रसाद, मोहनलाल साहू, सुरेश साव और रामलखन यादव के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने खतियानी जमीन के वंशज को प्रति कट्ठा 5.25 लाख रुपये के हिसाब से कुल 1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये का भुगतान ऑनलाइन और ड्राफ्ट के माध्यम से किया है।
फिलहाल प्रशासन अगले चरण की कार्रवाई की तैयारी में है और लोगों से निर्धारित समय में मकान खाली करने को कहा गया है।
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