रांची : पंचायत फंड को लेकर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही के आरोप पूरी तरह बेतुके, आधारहीन और राजनीति से प्रेरित हैं।
मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा का उद्देश्य पंचायतों का विकास नहीं, बल्कि भ्रम फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंकना है।
केंद्र का फंड झारखंड का अधिकार, मोदी जी का एहसान नहीं
भाजपा जिस राशि को प्रधानमंत्री की “दूरदर्शिता” बता रही है, वह पंचायतों का संवैधानिक अधिकार है।
झारखंड को मिला पैसा कोई उपकार नहीं—यह हर राज्य को मिलने वाला वैधानिक हिस्सा है।
कट-कमीशन की राजनीति भाजपा की देन है
देशभर में योजनाओं की लूट, आवास घोटाले और जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप भाजपा सरकारों पर लगे हैं।
ऐसी पार्टी का झारखंड पर उंगली उठाना, खुद की करनी को छिपाने का प्रयास है।
भाजपा पहले अपने राज्यों में कट-कमीशन बंद कराए।
पंचायत प्रतिनिधियों को भड़काना भाजपा की पुरानी रणनीति
शाही द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को राज्य सरकार के खिलाफ उकसाना सिद्ध करता है कि भाजपा विकास को नहीं,
अराजकता को बढ़ावा देना चाहती है।
भाजपा आरोप लगाती है, लेकिन एक भी सबूत नहीं देती
सालों से भाजपा वही पुराना गीत दोहरा रही है—कट-कमीशन, भ्रष्टाचार…
लेकिन आज तक एक भी ठोस प्रमाण नहीं दे पाई।
कांग्रेस का स्पष्ट संदेश
पंचायती विकास के लिए आए हर रुपये का पारदर्शी उपयोग होगा।
भाजपा जितनी चाहे राजनीति कर ले—झारखंड का विकास रुकने वाला नहीं।













