रांची : बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा ने 24–25 मार्च 2026 को हाइपरस्पेक्ट्रल और लिडार डाटा विश्लेषण पर एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी । यह कार्यशाला रिमोट सेंसिंग एवं जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग, बीआईटी मेसरा, रांची में आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम हाइब्रिड माध्यम में आयोजित होगा और इसका आयोजन रिमोट सेंसिंग एवं जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग द्वारा जियोपिक्स क्लब के सहयोग से किया जा रहा है।
यह दो दिवसीय कार्यशाला एक गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों में उन्नत रिमोट सेंसिंग तकनीकों की अवधारणात्मक समझ और व्यावहारिक कौशल विकसित करना है। इसमें प्रतिभागियों को हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग और लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लिडार) तकनीक से परिचित कराया जाएगा, जिसमें डाटा प्रोसेसिंग, विश्लेषण और वास्तविक जीवन में इसके उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सत्रों का संचालन भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के पृथ्वी एवं अंतरिक्ष विज्ञान विभाग से प्रोफेसर डॉ. रामा राव निदामनुरी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमिया ए. एम. द्वारा किया जाएगा। शैक्षणिक समन्वय डॉ. अखौरी प्रमोद कृष्ण, डॉ. मिली घोष नी लाला, डॉ. ऋचा शर्मा और डॉ. स्वागता पायरा द्वारा किया जा रहा है। इनके साथ विभाग के अन्य संकाय सदस्य डॉ. सी. जेगनाथन, डॉ. नीलांचल पटेल, डॉ. वी. एस. राठौर, डॉ. कीर्ति अविशेक तथा श्री नितीश कुमार सिन्हा भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
कार्यशाला में विशेषज्ञ व्याख्यान और प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल होंगे, जिनमें हाइपरस्पेक्ट्रल डाटा का पूर्व प्रसंस्करण, वायुमंडलीय सुधार, स्पेक्ट्रल सिग्नेचर विश्लेषण और इमेज वर्गीकरण तकनीकों को शामिल किया जाएगा। लिडार से संबंधित सत्रों में प्वाइंट क्लाउड प्रोसेसिंग, डीईएम/डीएसएम निर्माण और फीचर निष्कर्षण पर चर्चा होगी। इन तकनीकों के उपयोग पर्यावरण निगरानी, वानिकी, शहरी मानचित्रण, आपदा जोखिम आकलन और जलवायु अध्ययन जैसे क्षेत्रों में बताए जाएंगे।
यह कार्यक्रम स्नातकोत्तर छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों और जियोस्पेशियल विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान तथा संबंधित क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए खुला है। सरकारी संस्थानों, शोध संस्थानों और जियोस्पेशियल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ भी इसमें भाग ले सकते हैं।
कार्यशाला में कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति वाले प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जबकि अंतिम मूल्यांकन में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वालों को प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
बीआईटी मेसरा का रिमोट सेंसिंग एवं जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग उपग्रह डाटा विश्लेषण, जियोस्पेशियल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यूएवी आधारित मानचित्रण और स्थानिक निर्णय सहायता प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है। यह कार्यशाला विभाग की इन्हीं शैक्षणिक और शोध गतिविधियों के अनुरूप आयोजित की जा रही है।














