पटना :बिहार बंगाल समेत अन्य प्रदेशों की तरह झारखंड में भी SIR का बिगुल बज गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अप्रैल महीने में शुरू होने जा रही है। इसे लेकर निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
आयोग के निर्देश पर बीते कई महीनों से वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर वर्तमान सूची की मैपिंग का काम चल रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का विवरण जुटा रहे थे और परिवार के सदस्यों के आधार पर फैमिली ट्री तैयार की जा रही थी।
इस पूरी कवायद का उद्देश्य राज्य की मौजूदा मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना था।
विशेष गहन पुनरीक्षण के समय मतदान की योग्यता रखने वाले सभी लोगों को निर्धारित दस्तावेज आयोग को उपलब्ध कराने होंगे।
आवेदन के दौरान स्वयं और माता-पिता के लिए अलग-अलग स्व-प्रमाणित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।
इनमें नागरिकता, पहचान, निवास और निर्वाचन से जुड़े प्रमाण शामिल हैं. आयोग ने कुल 13 प्रकार के दस्तावेजों की सूची जारी की है, जिसे केवल मार्गदर्शक के रूप में बताया गया है।
मतदाताओं को प्रक्रिया से जोड़ने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से पूरे राज्य में जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है।
गांवों और शहरों में शिविर लगाकर दस्तावेज अपडेट कराने, प्रमाण पत्र बनवाने और आवेदन की जानकारी दी गयी है।
दस्तावेजों की सूची में यह साफ किया गया है कि आधार कार्ड अपने आप में नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा।
हालांकि, पहले से जारी दिशा-निर्देशों के तहत इसे सहायक दस्तावेज के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे SIR के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए आवश्यक पहचान पत्र, निवास प्रमाण और अन्य जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें।
आने वाले दिनों में दस्तावेज सत्यापन और नागरिकता से जुड़े अगले चरणों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किये जाएंगे।
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