रांची : झारखंड होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) राँची में मानसिक स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल के क्षेत्र में कार्यरत संस्था सोल सीडलिंग्स कि स्वेता वर्मा रावत द्वारा छात्रों के लिए एक विशेष “वेलनेस एवं माइंडफुलनेस” पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दबावों के बीच मानसिक संतुलन, आत्म-जागरूकता और भावनात्मक मजबूती प्रदान करना तथा मेडिटेशन को एक आध्यात्मिक प्रक्रिया के बजाय व्यावहारिक जीवन कौशल के रूप में प्रस्तुत करना।
कार्यशाला का संचालन स्वेता वर्मा रावत जो की सोल सीडलिंग्स की संस्थापक है, के द्वारा किया गया। वे एक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं, जो व्यक्तियों, कॉर्पोरेट्स एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ कार्य करते हुए भावनात्मक रूप से बुद्धिमान, लचीले और मानव-केंद्रित कार्यस्थलों एवं समुदायों के निर्माण की दिशा में सक्रिय हैं। अपने संबोधन में उन्होंने ने बताया कि होटल प्रबंधन के छात्रों को प्लेसमेंट का दबाव, इंटर्नशिप का तनाव, भावनात्मक थकान और परफॉर्मेंस एंग्जायटी जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में व्यावसायिक उत्कृष्टता केवल तकनीकी कौशल से नहीं, बल्कि आंतरिक स्थिरता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आत्म-चेतना से प्राप्त होती है।
इस दौरान छात्रों को एक निर्देशित श्वास-आधारित ध्यान अभ्यास कराया गया, जिससे उन्हें मानसिक शांति, एकाग्रता और स्पष्टता का अनुभव हुआ। यह अभ्यास विद्यार्थियों के लिए इंटरव्यू, इंटर्नशिप, किचन, फ्रंट ऑफिस तथा लंबे कार्य घंटों के दौरान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। साथ हीं रावत ने कहा, “हॉस्पिटैलिटी के छात्र दुनिया की सेवा करना सीखते हैं। उतना ही आवश्यक है कि वे अपने भीतर की दुनिया का भी ध्यान रखें। ध्यान उन्हें तनाव प्रबंधन, रचनात्मकता और शांत आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने में सक्षम बनाता है।”
कार्यशाला को छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा अत्यंत सराहा गया।
आईएचएम रांची के प्राचार्य डॉ भूपेश कुमार ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक लचीलापन और माइंडफुलनेस को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।













