भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी शहीद तारीफ को पाकिस्तान में कुछ अज्ञात लोगों ने गोलियों से भून दिया जिसने उसकी मौत हो गई। हालांकि अभी तक आतंकी शाहिद लतीफ के हत्या कैसे हुई इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाए है। पाकिस्तान के गुजरांवाला के अमीनाबाद कस्बे के मोर गांव का रहने वाला भारत में जैश – ए-मोहम्मद का साथी था।
यह जेएएम( जैश – ए – मोहम्मद) आतंकवादी संगठन का सदस्य था। 2010 में भारत सरकार ने सद्भावना मिशन के तहत आतंकी शहीद लतीफ को वापस पाकिस्तान भेज दिया था।
इसके साथ ही 2016 को हुए पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड था। भारत में हमले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए चार जैसे मोहम्मद आतंकवादियों को पठानकोट भेजा गया था। 47 वर्षीय आतंकी शाहिद लतीफ भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों के लिस्ट में शामिल में से एक है। वह लगभग 11 सालों तक जेल में बंद रहा।
इसके अलावा, वह लश्कर- ए – तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन मिशन के तहत भारतीय जेल से रिहा कर दिया था। कांग्रेस सरकार ने पाकिस्तान के साथ संबंध बेहतर करने व सुधारने के लिए ऐसा किया था।
शाहिद तारीफ कंधार हाईजैक केस का भी आरोपी था। जानकारी के अनुसार सियालकोट में कुछ अज्ञात हमलावरों ने शाहिद अली और हाशिम को गोलियों से भून कर ढेर कर दिया।












