भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग और असम, केरल एवं पुडुचेरी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा आज जारी सूचनाएं उनके संबंधित राजपत्रों (Gazettes) में प्रकाशित कर दी गई हैं।
इस घोषणा के साथ ही, निर्वाचन आयोग ने संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता (MCC) तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह संहिता केंद्र सरकार पर भी उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित घोषणाओं/नीतिगत निर्णयों के संबंध में लागू होगी।
आयोग ने निर्देश दिया है कि सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों से विरूपण (defacement) हटाने; किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या चुनाव से जुड़े किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी वाहनों या आवासों के दुरुपयोग पर रोक; और सार्वजनिक खजाने की लागत पर विज्ञापन जारी करने पर प्रतिबंध संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
नागरिकों की निजता का सम्मान किया जाना चाहिए; निजी आवासों के बाहर कोई प्रदर्शन या पिकेटिंग नहीं होगी। मालिक की सहमति के बिना झंडे, बैनर या पोस्टर के लिए जमीन, भवन या दीवारों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
एक शिकायत निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें कॉल सेंटर नंबर 1950 शामिल है। इस पर जनता का कोई भी सदस्य या राजनीतिक दल संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO)/रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के पास शिकायत दर्ज करा सकता है।
नागरिक और राजनीतिक दल ECINET पर C-Vigil App का उपयोग करके भी आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़न दस्ते) तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 5,200 से अधिक स्टेटिक सर्विलांस टीमें (SST) भी तैनात की गई हैं।
राजनीतिक दलों के लिए यह आवश्यक है कि वे सभाओं और जुलूसों की सूचना पहले से पुलिस अधिकारियों को दें ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की जा सके, निषेधाज्ञा का पालन किया जा सके और लाउडस्पीकर या अन्य सुविधाओं के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त की जा सके।
मंत्री अपने आधिकारिक कर्तव्यों को चुनाव प्रचार के साथ नहीं जोड़ेंगे और न ही प्रचार उद्देश्यों के लिए सरकारी मशीनरी, परिवहन या कर्मियों का उपयोग करेंगे।
सभी स्तरों के अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता को लागू करने में निष्पक्षता बरतने, सभी दलों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने और सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने का निर्देश दिया गया है। उन्हें सभाओं, जुलूसों और मतदान व्यवस्थाओं को निष्पक्ष रूप से विनियमित करना होगा, कानून-व्यवस्था बनाए रखनी होगी और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करनी होगी।
ECINET पर सुविधा (SUVIDHA) मॉड्यूल सक्रिय कर दिया गया है, जहाँ राजनीतिक दल सार्वजनिक स्थानों जैसे मैदानों और हेलीपैड के उपयोग के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किया जाएगा।
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