डिब्रूगढ़/रांची: असम चुनाव के दौरान छबुवा-लाहोवाल विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार प्रांजल घटवार के समर्थन में पनीतुला करम भवन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा कि भाजपा के दस वर्षों के शासनकाल में यदि किसी का विकास हुआ है तो वह केवल “मामा और मामी” का — अर्थात मुख्यमंत्री और उनके परिवार का।
उन्होंने कहा कि असम में चाय बगान श्रमिकों और टी ट्राइब्स समुदाय के अधिकारों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। चाय बगानों के विकास, श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस शासनकाल में कई प्रभावी योजनाएँ और कानून लागू किए गए थे। वर्ष 2015 में कांग्रेस पार्टी ने चाय बगान श्रमिकों को “माटी का पट्टा” देने की घोषणा की थी, जिससे उन्हें भूमि अधिकार मिल सके।
किन्तु वर्ष 2016 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले दस वर्षों में इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। आज भी चाय बगान श्रमिक अपने बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। भाजपा सरकार द्वारा श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के कई दावे किए गए, लेकिन बार-बार किए गए वादों के बावजूद श्रमिकों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में “माटी का पट्टा” के नाम पर जो फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं, वे केवल सर्वे फॉर्म हैं। यह चाय बगान के आदिवासी समुदाय को गुमराह करने और उनके साथ छल करने का प्रयास है।
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि असम की जनता, विशेषकर टी ट्राइब्स समुदाय, अब सच्चाई समझ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नेतृत्व में राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है और शासन व्यवस्था आम जनता के हितों की बजाय निजी स्वार्थों की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने असम की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करें और एक भ्रष्टाचार-मुक्त, जनहितकारी सरकार के गठन के लिए कांग्रेस पार्टी को समर्थन दें, ताकि राज्य में विकास, न्याय और समानता की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।













